छत्तीसगढ़ में डीजल-पेट्रोल की कालाबाजारी पर सख्ती, स्पेशल टास्क फोर्स जांच कर लेगी बड़ा एक्शन

छत्तीसगढ़ में डीजल-पेट्रोल की कालाबाजारी पर सख्ती, स्पेशल टास्क फोर्स जांच कर लेगी बड़ा एक्शन

छत्तीसगढ़ में डीजल-पेट्रोल की कालाबाजारी पर सख्ती, स्पेशल टास्क फोर्स जांच कर लेगी बड़ा एक्शन

राज्य में डीजल और पेट्रोल (Petrol Diesel Supply) की लगातार बढ़ती मांग के बीच ईंधन की कालाबाजारी रोकने के लिए सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। केंद्र सरकार के निर्देशों के बाद छत्तीसगढ़ में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है।

यह टीम जमाखोरी, अवैध भंडारण और अनधिकृत बिक्री से जुड़े मामलों की निगरानी करेगी तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सीधे एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई करेगी।

केंद्र सरकार के निर्देश के बाद बढ़ी निगरानी

केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ सहित सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश जारी करते हुए ईंधन की कालाबाजारी, अवैध भंडारण और अनधिकृत बिक्री पर कड़ी नजर रखने को कहा है। इसके तहत एसआईटी का गठन कर जमाखोरों और नियमों का उल्लंघन करने वाले बल्क उपभोक्ताओं के खिलाफ तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रदेश सरकार ने स्पष्ट किया है कि खुदरा उपभोक्ताओं के लिए उपलब्ध ईंधन का दुरुपयोग करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।

जिला डीजल बिक्री में वृद्धि (प्रतिशत)
बस्तर 32.0%
बालोद 28.0%
कोरिया 25.4%
मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी 24.9%
कोंडागांव 22.1%
रायपुर (राजधानी) 19.8%

आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत होगी कार्रवाई

सरकार ने बताया है कि पेट्रोलियम उत्पादों के अवैध विचलन और हेरफेर के मामलों में आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। हाल के दिनों में निजी रिटेल आउटलेट्स यानी पेट्रोल पंपों पर बिक्री में कमी देखी गई है। वहीं, बड़ी कंपनियों और ठेकेदारों जैसे बल्क उपभोक्ताओं द्वारा खुदरा बिक्री केंद्रों से ईंधन खरीदने के कारण सरकारी पेट्रोल पंपों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ा है।

इसी को देखते हुए उद्योग संगठनों से भी आग्रह किया गया है कि वे अपने सदस्यों को केवल अधिकृत माध्यमों से ही डीजल और अन्य ईंधन खरीदने की सलाह दें।

कई जिलों में डीजल बिक्री में रिकॉर्ड वृद्धि

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, एक से 31 मई 2026 के दौरान प्रदेश के कई जिलों में हाई स्पीड डीजल की खुदरा बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। बस्तर, बालोद, कोरिया, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, कोंडागांव और रायपुर जैसे जिलों में डीजल की खपत में तेज बढ़ोतरी देखी गई।

ईंधन की उपलब्धता सामान्य, अफवाहों से बचने की अपील

इस बीच इंडियन आयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने संयुक्त बयान जारी कर प्रदेश में ईंधन की किसी भी प्रकार की कमी से इनकार किया है। कंपनियों का कहना है कि पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है।

कंपनियों ने बताया कि सभी टर्मिनल, डिपो, पाइपलाइन नेटवर्क, एलपीजी बॉटलिंग प्लांट और रिटेल आउटलेट पूरी क्षमता से संचालित हो रहे हैं। साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराहट में अनावश्यक खरीदारी से बचें। ईंधन से जुड़ी जानकारी के लिए केवल अधिकृत एजेंसियों और तेल विपणन कंपनियों की आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।