आत्मानंद विद्यालयों की दुर्दशा : प्राचार्यों ने मंत्री को सुनाया दुखड़ा, समय पर वेतन नहीं मिलता, चाक-डस्टर खरीदने तक के पैसे नहीं
आत्मानंद विद्यालयों की दुर्दशा : प्राचार्यों ने मंत्री को सुनाया दुखड़ा, समय पर वेतन नहीं मिलता, चाक-डस्टर खरीदने तक के पैसे नहीं
प्रदेशभर के 751 स्वामी आत्मानंद विद्यालय के प्राचार्य गुरुवार को राजधानी रायपुर में जुटे। पं.दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित समीक्षा बैठक के मुख्य एजेंडे परीक्षा परिणाम में सुधार, नीट व जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाएं, अंग्रेजी भाषा दक्षता में सुधार रहे।
अध्यक्षता स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की।
प्राचार्यों के लिए प्रश्नोत्तरी सत्र भी रखा गया था। इसमें प्राचार्यों ने विद्यालय संबंधित दुर्दशा गिनाई। अधिकतर प्राचार्यों ने वेतन समय पर प्राप्त नहीं होने को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। उनका कहना था कि प्रतिनियुक्ति पर स्वामी आत्मानंद विद्यालय आए शिक्षकों अथवा प्राचार्यों को पूर्व पद्धति से वेतन दिया जाए।
फंड नहीं मिलने के कारण उधार से काम चलाना पड़ रहा है
वर्तमान में उन्हें वेतन के लिए कई बार 2 माह तक का इंतजार करना पड़ता है। इसके अतिरिक्त उन्होंने शाला संचालन के लिए निर्धारित 5 लाख रुपए की राशि नहीं मिलने के कारण संचालन में हो रही दिक्कतें भी गिनाई। उनका कहना था कि फंड नहीं मिलने के कारण उधार से काम चलाना पड़ रहा है। स्वामी आत्मानंद विद्यालयों में छात्रों की संख्या अधिक होने के कारण फंड की राशि 5 लाख रुपए से बढ़ाने की भी मांग प्राचार्यों ने की। इसके अतिरिक्त चपरासी व भृत्य के पदों को भरने, डाटा एंट्री सहित अन्य कार्यों के लिए कंप्यूटर शिक्षक की नियुक्ति करने की मांग की गई।