प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि केदारनाथ धाम और चार धाम की यात्रा राष्ट्र के विश्वास, एकता और समृद्ध परंपराओं का सम्मान है। उन्होंने कहा कि ये यात्राएं भारत की शास्वत संस्कृति की झलक प्रस्तुत करती हैं। देशवासियों के नाम एक पत्र में प्रधानमंत्री ने कहा है कि उत्तराखंड की पावन भूमि पर केदारनाथ धाम के द्वार सभी श्रद्धालुओं के लिए पूर्ण धार्मिक परंपरा और उत्सव के साथ खुले हुए हैं। श्री मोदी ने कहा कि चार धाम यात्रा की दिशा में प्रत्येक कदम प्रकृति की गरिमा, राष्ट्र की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और राष्ट्र के प्रति हमारी जिम्मेदारियों से जुड़ने का प्रतीक हैं।
अपने पत्र में प्रधानमंत्री ने नागरिकों से पांच संकल्प लेने की अपील की है। उन्होंने लोगों से कहा है कि वे सभी धर्म स्थलों और आस-पास के स्थानों पर स्वच्छता बनाए रखें, नदियों को साफ रखने में योगदान करें और यात्रा के दौरान एकल उपयोग प्लास्टिक का इस्तेमाल न करने की शपथ लें। उन्होंने लोगों से प्रकृति के प्रति संवेदनशील होने और पर्यावरण संरक्षण में योगदान करने की भी अपील की।
तीसरे संकल्प के रूप में प्रधानमंत्री ने सेवा, सहयोग और एकता पर बल दिया। इसके अतिरिक्त उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने खर्च में स्थानीय उत्पादों की खरीद शामिल करें। श्री मोदी ने चार धाम यात्रा करने वाले लोगों से अपील की कि वे नियमों और यात्रायात के निर्देशों का पालन करें ताकि यात्रा को सुरक्षित और सुचारू बनाया जा सके। प्रधानमंत्री ने वृत्तांत लिखने वाले लोगों और प्रेरकों से भी कहा कि वे उत्तराखंड की लोक कथाओं और लघु परंपराओं को वृहत्त जनसमूह के सामने लाने का प्रयास करें।