पाइपलाइन नेटवर्क के लिए मंत्रालय ने तैयार किया फ्रेमवर्क, आम जनता और मजदूरों को मिलेगी राहत

पाइपलाइन नेटवर्क के लिए मंत्रालय ने तैयार किया फ्रेमवर्क, आम जनता और मजदूरों को मिलेगी राहत

पाइपलाइन नेटवर्क के लिए मंत्रालय ने तैयार किया फ्रेमवर्क, आम जनता और मजदूरों को मिलेगी राहत

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव को देखते हुए भारत सरकार पूरी तरह अलर्ट पर है. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सभी जरूरी कदम उठा लिए गए हैं.

सरकार ने ‘प्राकृतिक गैस और पेट्रोलियम उत्पाद वितरण आदेश, 2026’ लागू किया है, जिससे गैस पाइपलाइन बिछाने के काम में तेजी आएगी और आम लोगों तक फ्यूल की पहुंच आसान होगी.

क्या रसोई गैस (LPG) की सप्लाई पर असर पड़ेगा?

ANI की रिपोर्ट के अनुसार, आम जनता के लिए राहत की बात यह है कि देश में कहीं भी एलपीजी की कमी नहीं हुई है. 11 अप्रैल 2026 को ही रिकॉर्ड 52.3 लाख से ज्यादा घरेलू सिलेंडरों की डिलीवरी की गई. अब 98% बुकिंग ऑनलाइन हो रही है और धांधली रोकने के लिए 93% डिलीवरी ‘डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड’ (DAC) के जरिए की जा रही है.

प्रवासी मजदूरों के लिए क्या खास इंतजाम हैं?

मजदूरों की सुविधा के लिए सरकार ने 5 किलो वाले छोटे सिलेंडरों (FTL) का कोटा दोगुना कर दिया है. राज्य सरकारें तेल कंपनियों की मदद से इन्हें सीधे प्रवासी मजदूरों तक पहुंचाएंगी. इसके प्रचार के लिए अब तक 3300 जागरूकता कैंप लगाए जा चुके हैं, जहां 35 हजार से ज्यादा सिलेंडर बेचे गए हैं. साथ ही, कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई को भी संकट-पूर्व स्तर के 70% तक बढ़ा दिया गया है.