सरेंडर करने वालों को तीन साल तक हर महीने 10 हजार रुपये, 500 गावों में पहुंची योजनाएं, सीएम ने बताया बस्तर के विकास का प्लान
सरेंडर करने वालों को तीन साल तक हर महीने 10 हजार रुपये, 500 गावों में पहुंची योजनाएं, सीएम ने बताया बस्तर के विकास का प्लान
छत्तीसगढ़ को 'नक्सल-मुक्त' घोषित किया जा चुका है। दो सप्ताह बाद राज्य के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आंतरिक सुरक्षा अभियानों से हटकर बड़े पैमाने पर ग्रामीण विकास और आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों के पुनर्वास की ओर निर्णायक बदलाव का संकेत दिया है।
मुख्यमंत्री साय की महत्वाकांक्षी योजनाओं में क्षेत्र में कृषि गतिविधियों को बढ़ावा देने के अलावा, कभी नक्सली हिंसा के गढ़ के रूप में पहचाने जाने वाले बस्तर को एक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना भी शामिल है।
पीएम मोदी को दिया श्रेय
मुख्यमंत्री ने दशकों पुराने नक्सलवाद के सफल उन्मूलन का श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली ''डबल इंजन सरकार'' और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा निर्धारित रणनीतिक समयसीमा को दिया। सीएम ने कहा कि वह अब इस बात से राहत महसूस करते हैं कि छत्तीसगढ़ आखिरकार नक्सलवाद से मुक्त हो गया है, जो राज्य की प्रगति में बाधा बन रहा था।
मुख्यमंत्री ने कहा, "एक समय ऐसा था जब इसको लेकर अनिश्चितता थी कि नक्सलवाद की समस्या का कभी समाधान हो पाएगा या नहीं। लेकिन आज, 'डबल इंजन सरकार' और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और दृढ़ संकल्प के साथ-साथ हमारे सुरक्षा बलों के साहस के बल पर, हम नक्सल मुक्त राज्य की ओर अग्रसर हुए हैं।"
जो दशकों तक विकास से वंचित थे उन तक पहुंच रहा लाभ
उन्होंने कहा कि इस बात का खेद है कि इस क्षेत्र के लोग दशकों तक विकास से वंचित रहे। उन्होंने कहा, 'लेकिन अब विकास उन तक पहुंच रहा है और उनका जीवन बेहतर होगा।' नक्सल समस्या के फिर से उभरने की आशंकाओं पर मुख्यमंत्री राज्य के परिवर्तन को लेकर आत्मविश्वासी हैं, लेकिन साथ ही सतर्क भी हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा शिविरों की स्थायी मौजूदगी के साथ-साथ अस्पताल और विद्यालयों के आने से एक ''विकास का ढांचा'' तैयार हुआ है।